ज्यादातर बुद्धिजीवीयों के समाज में नकारात्मक योगदान के कारण
स्थूल एवं अकर्मण्य व्यवहार,
निज स्वार्थ के प्रति अपेक्षाकृत विशेष आग्रह एवं अनुरूप ही व्यवहार,
मानसिक विकास के...
कुछ नेता कुछ अभिनेता ..पर दर्शक सारे …
कुछ मंच पर,बाकी सब सामने..,
पर्दा गिरा …कुछ प्रभावी…कुछ खो गये…,कुछ ताली बजाकर चल दिए..,
अभिनेता हो..तो श्रेष्ठ अभिनय...
ज्यादातर बुद्धिजीवीयों के समाज में नकारात्मक योगदान के कारण
स्थूल एवं अकर्मण्य व्यवहार,
निज स्वार्थ के प्रति अपेक्षाकृत विशेष आग्रह एवं अनुरूप ही व्यवहार,
मानसिक विकास के...
कुछ नेता कुछ अभिनेता ..पर दर्शक सारे …
कुछ मंच पर,बाकी सब सामने..,
पर्दा गिरा …कुछ प्रभावी…कुछ खो गये…,कुछ ताली बजाकर चल दिए..,
अभिनेता हो..तो श्रेष्ठ अभिनय...
ज्यादातर बुद्धिजीवीयों के समाज में नकारात्मक योगदान के कारण
स्थूल एवं अकर्मण्य व्यवहार,
निज स्वार्थ के प्रति अपेक्षाकृत विशेष आग्रह एवं अनुरूप ही व्यवहार,
मानसिक विकास के...
कुछ नेता कुछ अभिनेता ..पर दर्शक सारे …
कुछ मंच पर,बाकी सब सामने..,
पर्दा गिरा …कुछ प्रभावी…कुछ खो गये…,कुछ ताली बजाकर चल दिए..,
अभिनेता हो..तो श्रेष्ठ अभिनय...